रुढीवाद के लीये वचन को रद्ध करना – 1

टि.पि.एम के सेवक अपने आपको दुसरो से श्रेष्ठ बताने के लीये हमेशा कुछ न कुछ नया करने के लीय संस्था के दबाव मे रहते है| इस कारन ये वचन को कुडेदान मे डाल देते है।  ये लोग मनुष्यो कि आज्ञाओ के पैरो तले परमेश्वर कि आज्ञाओ को कुचल देते है। परमेश्वर के वचन के इस तरह के दुरुपयोग करने के कारण ये लोग भयानक श्राप के के अधीन है। इन वचनो पर ध्यान करे।

6 उस ने उन से कहा; कि यशायाह ने तुम कपटियों के विषय में बहुत ठीक भविष्यद्ववाणी की; जैसा लिखा है; कि ये लोग होठों से तो मेरा आदर करते हैं, पर उन का मन मुझ से दूर रहता है 7 और ये व्यर्थ मेरी उपासना करते हैं, क्योंकि मनुष्यों की आज्ञाओं को धर्मोपदेश करके सिखाते हैं. 8 क्योंकि तुम परमेश्वर की आज्ञा को टालकर मनुष्यों की रीतियों को मानते हो 9 ..उस ने उन से कहा; तुम अपनी रीतियों को मानने के लिये परमेश्वर आज्ञा कैसी अच्छी तरह टाल देते हो. 10 क्योंकि मूसा ने कहा है कि अपने पिता और अपनी माता का आदर कर; ओर जो कोई पिता वा माता को बुरा कहे, वह अवश्य मार डाला जाए. 11 परन्तु तुम कहते हो कि यदि कोई अपने पिता वा माता से कहे, कि जो कुछ तुझे मुझ से लाभ पहुंच सकता था, वह कुरबान अर्थात संकल्प हो चुका 12 तो तुम उस को उसके पिता वा उस की माता की कुछ सेवा करने नहीं देते. 13 इस प्रकार तुम अपनी रीतियों से, जिन्हें तुम ने ठहराया है, परमेश्वर का वचन टाल देते हो; और ऐसे ऐसे बहुत से काम करते हो. (मर्कुस 7:6-13)

इस लेख मे मै टि.पि.एम कि कुछ शेत्रो पर रौशनी डालुंगा ।

परमेश्वर के द्वारा दि जीम्मेदारी बनामा कल्ट संस्था कि हेराफेरी

ब्याह परमेश्वर के द्वारा ठहराइ पहली प्रथा थी । बाइबल शादि के साथ शुरु होती और शादी के साथ समाप्त होती है । परमेश्वर ने इस प्रथा को सबसे अधीक महतव दिया है। उसने इसे दो लोगो का एक हो जाना कहा है । एक बार विवाह मे एक हो गये तो वह इन्हे एक होकर देखता है ।

इसलिये वे अब दो नहीं पर एक तन हैं (मर्कुस 10:8) ।
इसलिये जिसे परमेश्वर ने जोड़ा है उसे मनुष्य अलग न करे (मर्कुस 10:9) । 

हम सब जानते है कि हर विवाहीत कि प्रथम जीम्मेदारी उसका अपना परीवार है । इसमे उसके पतनी और बच्चे शामील है। इसमे उसके माता पिता और दुसरे बुजुर्ग सम्मीलीत है जीनकि जीम्मेदारी परमेश्वर ने उसके अधीन कि है । सेवकाइ कि परीभाशा के अनुसार सेवा का अर्थ सीर्फ मजहबी झुंड पर राज्य करना या भकती दिखाना नही ।  सेवकाइ का अर्थ सेवा करने से है, सेवकाइ का अर्थ प्रचार करना, गीत गाना और दस्वांश जमा करना नही ! हम संयोग (इत्तफाक) कि पैदावर नही। शृष्टीकर्ता ने हमे एक योजना के अनुसार निर्माण किया है । हमे इस परमेश्वर के द्वारा ठहराइ योजना को ठुकराकर अपने मन से योजना का चुनाव करके उसे परमेश्वर कि बुलाहट कहने का विकल्प नही । इस तरह कि कालपनीक परमेश्वर कि बुलाहट परमेश्वर के द्वारा लीखी गइ आज्ञओ को रद्ध नही कर सकती । सीर्फ इसलीये कि आपने एक पादरी वर्ग के कपडे पहन लीये और आपने विवाह कि प्रतीज्ञा को एक संस्था के उपदेश मानने के लीये तोड दिया है, इस कारण इसे वैधता नही मिलती। वह आज कल और युगानयुग एक सा है परमेश्वर के वचन के प्रती यह सीर्फ आपके तीरस्कार को दर्शाता है। काम करके कमाने कि परमेश्वर कि आज्ञा का तीरसकार करनेवाले मनुष्य को, उसका खाना बनाने के लीये और उसके कपडे धोने के लीये, अपनी धर्मपत्नी को दे देना घृणीत कार्य है। दुसरे कि इस पत्नी के साथ नये स्थान मे एक नये सेवक के साथ यौण दुष्कर्म कि खबर भी हमने सुनी है। यह तो संसार के दृष्टी मे भी अनैतीक बात है कि अपकी पतनी किसी और कि सेवा करे और आप किसी और स्त्री के साथ एक ही छत के नीचे रहे। यह परमेश्वर के नाम को नींदित करता है।

अपने बच्चो को दुसरे कि दया पर छोड देना जीनमे माता पिता का प्रेम नही एक घृणीत काम है (साधरण तौर से उन परीश्रम करवानेवालो के हाथ मे जो अपने को संत कहलवाते है)..

  • मै उन बच्चो के विशय जानता हु (फेथहोम बोय) जो एक काम करनेवाले कि तरह टि,पि.एम मे इसतेमाल किये गये और जीन्हे केले का छिलका खाने को दिया जाता था और केला सेवक लोग खाते थे.
  • मै ऐसे बच्चो को जानता हु जीन्हे भुका रहाना क्योकि इन्होने इस सेवक को अन्य स्त्री के साथ यौण सबंध बनाते देख लीया था. सेवक इनसे खार खाते थे.
  • मै ऐसे बच्चो को जानता हु जो जीन्हे परीक्षा लीखने के लीये पेंसील चुराना पडा और पकडेजाने पर दुकानदार कि मार खानी पडी क्योकि सेवक उनकी और ध्यान नही देता था.
  • मै ऐसे बच्चो जानता हु जो चिकन करी का आनंद उठाते सेवको के शरीर कि मालीश करते थे और मसाज होने के बाद उन्हे चावाल का पानी से भुक मिटानी पडती थी.
  • कहने को बहुत कुछ है…

मै जानता कि, परमेश्वर ने आपको दिये सेवा को आपने त्याग दिया और अब आप मानव निर्मीत नीयमो के आधार पर बनी झुठी सेवकाइ को करते हो । अंत मे न्याय के दिन आपका न्याय कठोरता से होंगा । यदि आप जीवीत हो और इस लेख को पढ रहे हो तो पश्चताप करो । हो सकता है कि यह आपके लीये आखरी चेतावनी होंगी ।

टि.पि.एम के सेवक जवान अवस्था मे क्यो मर जाते ?

मै ऐसे कट्टर टि.पि.एम भकतो को जानता हु जीनका यह कहना कि टि.पि.एम के सेवक इसलीये जवान आवस्था मे मर जाते क्योकि वे दुसरो के पापो के दंड को अपने शरीर मे उठा लेते है। ऐसे बहानो को अपने बेंक कि तीजोरीयो के रखो। ये कही और काम आनेवाले । क्या आपने कभी शास्त्रो को इसका कारण जानने के लीये पढा? यदि नही पढा तो अब पढीये..

क्योंकि मूसा ने कहा है कि अपने पिता और अपनी माता का आदर कर; ओर जो कोई पिता वा माता को बुरा कहे,  वह अवश्य मार डाला जाएपरन्तु तुम कहते हो कि यदि कोई अपने पिता वा माता से कहेकि जो कुछ तुझे मुझ से लाभ पहुंच सकता था, वह कुरबान अर्थात संकल्प हो चुका. (मर्कुस 7:10-11)

अपनी माता और पिता का आदर कर (यह पहिली आज्ञा है, जिस के साथ प्रतिज्ञा भी है) (इफी 6:2).

तू अपने पिता और अपनी माता का आदर करना, जिस से जो देश तेरा परमेश्वर यहोवा तुझे देता है उस में तू बहुत दिन तक रहने पाए (निर्ग 20:12).

जब टि.पि.एम के सेवक अपने माता पिता को अपने टि.पि.एम धर्म के नाम पर त्याग देते है (जीसे ये परमेश्वर कि सेवा करना कहते है), तो यह कुर्बानी है । ये परमेश्वर के द्वारा दि जीम्मेदारी से बहाना मार रहे । इस तरह से निर्ग 20:12 और इफीसीयो 6:2 कि आशीश का अधीकार खो देते । इसके बदले मे ये अपने गैर जिम्मेदाराना व्यवहार के लीये परमेश्वर से श्रापित ठहरते है। इसलीये अधीकांश सेवक परमेश्वर के द्वारा ठहराई मनुष्य कि 70 से 80 वर्ष (भजन 90:10) कि उमर तक का सफर तय नही कर पाते। हम मानते है कि हर बार हर मनुष्य 70 से 80 वर्ष तक जीये ऐसा जरुरी नही। किन्तु टि.पि.एम मे 70 से 80 के पहले मरना एक नियम सा बन गया है।

निशकर्ष

प्रिय पाठक, यदि आप एक जवान लडके या लडकि हो तो परमेश्वर कि आपके प्रती इच्छा को सुनीश्चीत कर ले। टि.पि.एम के सेवक अपने नेताओ को प्रसन्न करने के लीये और अपनी पदउन्नती के लीये लोगो को सेवा मे भेजते है कि इनका नाम हो कि अमुख अमुख सेवक हमेशा इतने सारे सेवक तैयार करता है। आप इन बिक्री लक्षय वाले सेवको के झासे मे न आइये। ये स्वय किसी और सेवक के झासे से पिडीत होते है। इनमे से अनेक अशुद्ध आदतो के शीकार होते है और अपनी दुर्दशा मे फसे है। कुछ लोग अधीक लम्बे समय तक टिक नही पाते और अपने जोडी के साथ भाग जाते है या फिर कुछ प्रेगनेंट भी हो जाते क्योकि चतुराइ से कैसे रहना इनको पता नही। इस बुरी चीज मे मत फसीये। इन वचनो को देखे और इसी के बहकावे मे आकर वचन के विरोध मे न जाये।

परन्तु आत्मा स्पष्टता से कहता है, कि आने वाले समयों में कितने लोग भरमाने वाली आत्माओं, और दुष्टात्माओं की शिक्षाओं पर मन लगाकर विश्वास से बहक जाएंगे।

जो ब्याह करने से रोकेंगे, और भोजन की कुछ वस्तुओं से परे रहने की आज्ञा देंगे; जिन्हें परमेश्वर ने इसलिये सृजा कि विश्वासी, और सत्य के पहिचानने वाले उन्हें धन्यवाद के साथ खाएं  (1 तीमुथी 4:1-3)।  

फिर यहोवा परमेश्वर ने कहा, आदम का अकेला रहना अच्छा नहीं; मैं उसके लिये एक ऐसा सहायक बनाऊंगा जो उससे मेल खाए (उत्पत्ती 2:18)।

अपने माता पिता के प्रती अपनी जिम्मेदारी का त्याग न करे। यह परमेश्वर के वचन का उलंघन्न है। आप क्यो जल्द ही मृत्यु को प्राप्त हो और आपको परमेश्वर के न्याय का सामना क्यो करना पडे? ध्यान से रहे।

प्रभु आपको आशीश करे।

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