बडी वेशया और मसीह विरोधी संस्था

रोमन केथोलीक चर्च क्या है और कितनी खतरनाक है यह समझने के लीये आपको इतीहास पर नजर डालना पडेंगा?

सन 70 मे यरुशलेम के मंदीर के नाश होने के बाद, रोमी सामराज्य ने यहुदीयो और मसीही लोगो को सताना आरंभ किया. यह सताहट चौथी शताबदी मे सम्राट कोन्सटेन्टीनोपल के समय तक जारी रही. अब तक मसीही लोग सताये जाते रहे थे, किंतु यहा से आगे, सत्ता मसीही लोगो के हाथ मे आनी आरंभ हुइ. यहा से आगे के मसीही लोग राजा के तुल्य बन गये, और फिर इन मसीहीयो ने अपने विरोध मे खडे रहने वालो को सताना आरंभ किया.

प्रकाशीतवाक्य 17 मे हमे बताया गया कि बडी वेश्या एक बडे पशु पर सवार है. स्त्री का पशु पर सवार होना, यह रोमन सामराज्य के झुठी कलीसीया के मुठ्ठी मे जाने का संकेतक था. प्रकाशीतवाक्य के अनुसार दस सर वाला पशु, एक नगर है (प्रका 17:9) और भीड /राश्ट्र के उपर बैठने का अर्थ है उनपर राज्य करना (प्रका 17:1,15).

जीन लोगो ने रोमन केथोलीक पोप का और रोमन केथोलीक कलीसीया का विरोध किया था उन्हे रोमन केथोलीक कलीसीया ने मार डाला. इसे इन्वीसीशन (जांच-समीती) और काले युग (डार्क एजेस) का समय कहते है. इस विशय अधीक जानकारी के लीये आप इतीहास के पन्ने पलट कर देखे. प्रकाशीतवाक्य कि यह भवीश्यवानी पुर्ण हुइ “और मैं ने उस स्त्री को पवित्र लोगों के लोहू और यीशु के गवाहों के लोहू पीने से मतवाली देखा और उसे देख कर मैं चकित हो गया (प्रका 17:6)”

नीचे दि तालीका मे रोमन केथोलीक कलीसीया कि तुलना प्रकाशीतवाकय कि बडी वेश्या से करे

भवीश्यवानी

रोमन केथोलीक कलीसीया

मसीह विरोधी (प्रका 13 पशु) उन दिनो मे संसार मे मौजुद था (देखे 1 यहुन्ना 2:18).

 

रोमी सामारज्य मसीह विरोधी था [पशु 1 कुरी 15:32].

यीशु और उसके चेलो को रोमी सामराज्य ने मार डाला. मसीही विश्वासीयो को रोमन साम्राज्य ने सताया [प्रका 2:9,10, इब्रा 10:32, गला 3:4 प्रका 11:19]

किरमीजी रंग पर स्त्री का बैठना  (प्रका 17:3). वेश्या ने पृथ्वी के राजाओ पर राज्य किया ( प्रका 17:18) चौथी शताबदी से लेकर 1700 वर्ष तक  रोमन केथोलीक चर्च ने संसार पर राज्य किया. केथोलीक पोप आज भी रोम मे बैठता है. (वेटीकन).
स्त्री यीशु कि गवाही देने वालो को खुन को पीकर मतवाली होते देखा ( प्रका 17:6)

 

 

रोमन केथोलीक चर्च ने लाखो लोगो को अपने राजु के 700 से लेकर 1600 वर्ष के दौरान मार डाल. डार्क एजस और इंक्वीसीशन का इतीहास देखे

वह एक वेश्या है रोमन केथोलीक चर्च मेरी कि उपसना करता है और अन्य झुठे उपद्शो को मानता है.
पानी पर बठी स्त्री, लोग भीड जातीया (प्रका 17:1,15) रोमन केथोलीक दुनीया मे फैला सबसे बडा धर्म है.
सारे राश्ट्रो ने उसके व्यभीचार कि मदीरा पी है (प्रका 18:3) रोमन केथोलीक के अनुयायी दुनीया के हर देश मे है.
वह अपनी बडाइ करती रही और उसने सुख विलास किया (प्रका 18:7 ) इतीहास देखे कि कैसे मार्टीन लुथर और दुसरे सुधारको ने पोप कि और भिक्शुओ कि और नन कि सुख विलास के जीवन को फटकारा था.

अब यहा तक साफ है कि प्रकाशीतवाक्य 17 कि वेशया कि भवीश्यवानी रोमन केथोलीक कलीसीया मे पुरी होती दिखाइ देती है। ध्यान देनेवाली बात यह भी है कि यह बडी वेश्या एक माता भी है. वह साधारण माता नही किंतु वेश्याओ कि माता है. पढे –

और उसके माथे पर यह नाम लिखा था, भेद – बड़ा बाबुल पृथ्वी की वेश्याओं और घृणित वस्तुओं की माता (प्रका 17:5).

इसका अर्थ है कि उसे बच्चे जो उसमे से निकले वे भी उसके समान वेशया है. जैसे वेशया वह है, वैसे ही कर्म उसके बच्चे भी करते है. जैसे रोमन केथोलीक कलीसीया एक वेश्या है ठिक वैसे ही उसमे से निकले उसके लडकीया भी उसी कि तरह वेश्या है – युह उपर दिये वचन का अर्थ है।

अब टि.पि.एम चर्च भी रोमन केथोलीक चर्च मे से निकला. इसलीये यह भी के वेश्या कलीसीया है. पास्टर रमनकुट्टी ने अपने बाइबल के ज्ञान को एंगलीकन ओथोडॉक्स (सी.एम.एस) सेमीनारी मे पाया. रोमन केथोलीक कलीसीया ने टि.पि.एम कलीसीया को एंगलीकन ओर्थोडोक्स रीवाजो पर स्थापीत किया है. बेटी अपनी माता कि तरह हुबहु तो नही दिखेंगी, किंतु उसके व्यभीचार कि क्रियाओ से आप तुरंत पता लगा सकते है, यह एक वेश्या कि बेटी है कि नही. यह बात टि.पि.एम पर भी लागु है. टि.पि.एम कलीसीया मे मरीयम कि आराधना तो नही होती, ये लोग मोमबत्ती, घंटी, प्युरीगेट्री आदि उपदेशो को नही मानते, और इसलीये ये रोमन केथोलीक दिखाइ नही पडते. किंतु टि.पि.एम अपनी माता कि सीखलाइ रोमन केथोलीक कलीसीया कि तरह वेश्या है (या फिर पौल रमनकुट्टी के जैसे टि.पि.एम को सीखलाया).

हम जानते है इतीहास अपने आपको दोहरता है. जब प्रोटेस्टंट कलीसीया रोमन केथोलीक कलीसीया से अलग हुइ तो बहुत से पुराने रोमन केथोलीक से प्रोटेस्टन्ट बने लोगो ने अपनी अपनी कलीसीया बना डाली. इसलीये आज के वर्तमान के मसीही जगत मे 33000 विभीन्न मसीही प्रजातीया है जैसे पेंटीकोस्टल, मेथोडीस्ट, बेप्टीस्ट, मोरमोन, जेहोवा विटनेस, इत्यादि. इनमे से कोइ भी पोप का अपना अगुवा नही मानता और ने ये मरीयम कि आराधना करते है. इन सभी के अपने अपने चेहरे है. किंतु आरधना का तरीका बदलने से, नियमो को बदलने से और अपनी रीतीयो को रोमन केथोलीक कलीसीया से थोडा से हटकर बना देने से वेश्या का दाग नही जानेवाला. नाम और वस्त्र बदलने से बेटी का वेश्या मा कि तरह वेश्या न होना सम्भव नही. वेश्या न होने के लीये, बेटी ने उन झुठे उपदेशो को अपने से दुर करन चाहीये जो उसकी माता ने उन्हे सीखाये है. अपने कर्मो से धर्मीकता प्राप्त करने के झुठे सुसमाचार को अपने मे से निकाल कर बहार फेक देना चाहीये क्योकि यह दुसरा ही सुसमाचार है जीसका प्रचार प्रेरीतो ने नही किया था. सच्ची मसीह धर्म कि परख यह है कि कि इसमे कोइ गुप्त भेद नही, कोइ बाइबल के बहार का दिवय प्रकाशण नही, और दुसरे मसीहो से कोइ श्रेष्ठता नही होती!

संतो को एक बार सौपा गया सुसामाचार सीधा और साफ है (यहुदा 1:3). परमेश्वर बार बार आकर उद्धार के सुसमाचार या फिर उद्धार पाने के लीये गहरे भेदो को बार बार प्रकट नही करता. इसलीये जो कोइ कहता है कि “परमेश्वर ने मुझे स्वपन और दर्शन के द्वारा गहरे भेद कि बाते बतलाइ” और गर्व करता है कि वह दुसरे मसीहो कि तुलना मे परमेश्वर कि और विशीष्ठ रुप से चुना गया है, और दुसरे मसीही भाइयो से श्रेष्ठ है, तो ऐसे व्यकती से दुर रहना चाहीये. उपर दि गइ बाते, झुठी कलीसीयाओ कि स्थापना करनेवाले संस्थापको कि आम निशानी है. वे लोग नइ कलीसीया का निर्माण सुसमाचार कि जड पकडकर नही करते, किंतु लोगो को आकर्शीत करने के लीये चिन्ह और चमतकार और चंगाइ के काम करते है. फिर ये लोग धीरे से झुठे सुसमाचार कि और रुख कर लेते है. किसी चर्च को परखने के लीये पहले उसके सुसमाचार को जाचे. प्रेरीतो को एक बार सौपा गया विश्वास, यीशु पर किया सीधा साफ विश्वास है. यह विश्वास हमे सिखाता है कि परमेश्वर के जगत पर आनेवाले क्रोध से हमारा उधार येशु मसीह करता है. यह आपको सादगी से जीवन व्यापन करने को कहता है, न कि संसार के फेशन के अनुसार। यह हमे तेडी जाती के बीच यीशु के आगमन के इंतजार मे रहने को कहता है. सच्चे सुसमाचार मे दुसरे मसीहो से हम बेहतर है, ऐसा कोइ दावा नही होता है. यह बाइबल पर आधारीत होता है और संतुलन बनाये रखता है. यह किसी को अधीक पवीत्र या श्रेष्ठ नही ठहराता और न ही यह पवीत्रता कि उलटी दिशा मे पापमय जीवन जीने कि अनुमती देता है.

हम यह कहना चाहते है कि यदि आप अपना कोइ चर्च खोलने कि मनसा मे हो या स्वतंत्र सेवकाइ करना चाहते हो, (इस टि.पि.एम के झुठे उपदेशो से तंग आकर), तो ध्यान रहे कि पहले आप सीर्फ विश्वास से उद्धार, सीर्फ अनुग्रह और सीर्फ पवीत्र शास्त्र के उपदेश पर नीव बना ले; बाइबल के ज्ञान प्राप्त करने पर ही कोइ सेवा का आरम्भ करे, न कि चमतकारी दान के आधार पर. टि.पि.एम नामक वेशया से निकलर अपने आपको वेश्या के बच्चे न बना ले. वेश्या टि.पि.एम कि वेश्या बेटी न बने.

अगला भाग आगे कि कडी मे…..

इस लेख मे दि गइ तुलना लेखक कि समझ के अनुसार है और समय के साथ जैसे हमे और ज्ञान मिले हम अपनी सोच बदल सकते है.

 

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