टि.पि.एम के गहरे उपदेश? लेकीन इन्हे ये कहा से मिले?

टि.पि.एम मे पादरी वर्ग मे होनेवाली संदेहस्पद म्रुत्यु कि संख्या, दारु कि बोतल और गर्भनिरोधक वस्तुओ का विश्वास घर मे पाया जाना, मंदिर के परदे के आड मे गुंडो का छिप के रहना, सनी जोर्ज के कारनामे कि बदबु, और इस तरह के अनैतीक कामो को छिपाने के प्रयास आदि सब बातो को होता देखकर, हमारे मन मे प्रशन्न उठने लगते है कि,

  • क्या इस कलीसीया को सचमुच परमेश्वर से स्थापित किया था?
  • “ क्या एक ही सोते से मिठा और कडवा पाने निकलता है (याकुब 3:11)?”
  • इस टि.पि.एम कलीसीया कि जडे, शुद्ध है कि अशुद्ध?

सबुतो को सामने रखने का वक्त आ गया है। ये उप्युक्त समय है कि हम आपको बतलाये कि टि.पि.एम के गहरे उपदेश नरक के अताह कुंड मे से खोद कर निकाले गये है। इस खुदाइ कि क्रिया का मुख्य अभीयंता अल्वीन डि. एल्वीस था । उसने नरक कि गहराइ से इन उपदेशो कि खुदाइ कि, और फिर उन्हे पत्थर के तख्तो पर कुरत दिया, जैसे कि ये उपदेश टि.पि.एम के प्रेरीतो को सीनइ पर्वत पर प्राप्त हुये। इन भेडीयो का भांडा फोड करने कि घडी आ पहुची है।

शेकर्स नमक एक शैतानी संस्था हुआ करती थी, जीसकी स्थापना सन 1700 मे कि गइ थी। इस संस्था का अधिकारीक नाम “सोसायटी ओफ बीलीवर्स युनाइटेड इन क्राइसट्स सेकंड कमींग़” हुआ करता था। मदर एन ली, जो इस शेकर्स संस्था कि स्थापक थी, अपने आपको यीशु कि दुलहन और सिय्योन कि माता कहती थी। वह ड्युएलीटी कि शीक्षा दिया करती थी। डयुएलीटी कि शीक्षा के अनुसार परमेश्वर स्त्री और पुरुश दोनो ही है। मदर एन ली सिखाया करती थी कि यीशु का दुसरा आगमन नही होनेवाला है। यह इसलीये क्योकि वह खुद स्त्री रुप मे यीशु मसीह थी। वह यीशु कि दुलहन थी, और स्त्री परमेश्वर थी। वह दुसरे आदम कि पत्नी दुसरी हवा थी। शेकर्स एक चमतकारीक समुह था, जीसमे भवीश्यवानीया हुआ करती थी।

शेकर्स के उपदेश और शीक्षाये

आइये उन्हे स्वप्न और दर्शनो के द्वारा दि गइ शीक्षाओ और उपदेशो को देखे। जो स्त्री अपने आपको स्त्रीलींग यीशु कहती थी (मदर एन ली के रुप मे यीशु मसीह का दुसरा आगमन) उसके उपदेश कुछ इस तरह के थे।

माता पिता, पत्नी, बच्चे और अपने घर को छोडना

टि.पि.एम के सेवको कि प्रतीष्ठा के हुबहु शेकर्स समुह के लोग अपने घरो को बेचकर, अपने माता पिता को छोडकर, और अपनी पत्नी और बच्चो से अलग होकर दुसरे शेकर्स भाइयो और बहनो के साथ एक घर मे एक साथ रहा करते थे जीसे वे लोग परमेश्वर का घर कहते थे। इनके उपदेश थे कि को कोइ इस शेकर्स समुह के सदस्य बनना चाहते है – अर्थात एक सच्ची कलीसीया के भागी होना चाहते है, उन्हे अपने माता पिता, पत्नी और बच्चो को त्याग कर और अपने घर को भी भुलना जरुरी है।

इनके इन उपदेशो को इन्ही के शब्दो मे अंग्रेजी मे इधर पढे (Chapter IV and 13th point). इधर लीखा है कि,


“13. जब तक कोइ मनुष्य अपना सब कुछ न त्याग दे तब तक वह यीशु ला नही बन सकता है.”


इसे दुबारा इनके उपदेशो कि पुस्तक मे इधर पडे. पोइंट न. 61 “कुवारी” इस शीर्षक के नीचे लीखा है,


“61. “यदि कोइ मनुष्य मेरे पीछे आना चाहे और अपने माता, पिता, अपनी स्त्री और लड्के बालो को, वरन अपने प्राण को भी अप्रिय न जाने, वह मेरा चेला नही हो सकता.”


इन दोनो संस्थाओ ने (टि.पि.एम और शेकर्स) यीशु के द्वारा कही बात को तोड मरोड डलाअ ताकी इनकी अपनी संस्था के गुप्त इरादो को ये अंजाम सके। वचन के अर्थ को मोडकर, अपनी संस्था के बढौतरी के लीये इन्होने उस सहारे का इस्तेमाल किया जो परमेश्वर ने बुढे लोगो के लीये ठहरया था। और फिर इसके लीये ये परमेश्वर को जीम्मेदार ठहराते। हमने अपने दुसरे लेख मे आपको समझाया था लो यीशु का चेला बनने का अर्थ यह नही कि हम आक्षरीक रीती से अपने माता पिता और स्त्री और लडकेबालो को त्याग दे. इस लेख को इधर पढे

शादि करने से रोकना और सिय्योन पर्वत पर खडे 144000 कुवारे लोग (प्रकाशीत 14)

टि.पि.एम के सेवको कि तरह शेकर्स भी शादि नही किया करते थे और कुवारे रहा करते थे। जो कोइ इस शेकर्स कल्ट से जुडना चाहते थे, उनके लीये वे शादि करते हुये शेकर्स नही रह सकते थे। जो पहले ही विवाह कर चुके उन्हे उनकी पत्नीयो से और पतीयो से अलग किया जाता था. टि.पि.एम कि तरह शेकर्स का भी यह कहना था कि सीर्फ ऐसे ही लोग मेमने के साथ सिय्योन पर्वत पर खडे रह सकते है। इसके विशय इधर पढे। पोइंट न. 84 मे लीखा है।


“ये 144000,  लोग कौन है? ये वे है जो स्त्रीयो से अशुद्ध नही हुये और कुवरे है।” फिर पोइंट नंबर 85 मे लीखा है, “…केवल वे जो कुवारे कि तरह जीवन जीते है, वे लोग ही इस प्रतीष्ठित सौभाग्य को प्राप्त कर सकते है…. सिर्फ ये लोग ही मेमने के साथ सिय्योन कि चोटी पर खडे रह सकते है”


आप स्वंय इस बात को मदर एन ली (स्त्रीरुप मे यीशु) के मुह जुबानी पढे (पोइंट न. 81)


“81. जो कोइ इस पृथ्वी पर सुसमाचार कि आज्ञा को ग्रहन करते है, और यीशु कि मानींद अपना क्रुस उठाते है, वे एक लाख चवालीस हजार उसके साथ सिय्योन पर्वत पर खडे रहेंगे,” यह प्रथम पुनरुत्थान है।”


टि.पि.एम के ब्रम्हचारी सेवको कि तरह जो दुसरे कलीसीया को को तुच्छ समझते है, मदर एन ली दुसरी कलीसीया के लोगो को निम्न दर्जे का और शेकर्स को अधिकर शोभायमान और महीमामय बतती है। पढे मदर एन ली के शब्द


“जो स्वय इच्छा से अपने क्रुस को ऊठायेंगे एंव अंत तक विश्वासयोग्य रहेंगे वे लोग दुसरो कि तुलन मे अधिक तेजोमय, और महीमामय होंगे. वे परमेश्वर के लीये राजा और याजक ठहरेंगे। पोइंट न. 86, 87 को पढे और तुलना करे कि ये टि.पि.एम कि शीक्षाओ से कैसे मेल खाते।”


इस बात को भी पढ ले कि शैतानी आत्माये कैसे सिय्योन शब्द का इस्तेमाल कर शेकर्स समुह के लोगो को मुर्ख बनाया करती थी। उन लोगो कि एक पुस्तक हुआ करती थी जीसे “स्क्रोल रोल” कहते थे जो उन्हे भवीश्यवानीयो के द्वारा दि गइ थी। आप पढे के देखे कि ये भवीश्यवानी करनेवाली आत्माये कैसे सिय्योन शब्द का इस्तेमाल करती थी.


“1.  अब ये सिय्योन के बालको !……. ” 

“17.  इसलीये हे सिय्योन तु डर मत, न ही भयभीत हो, हे उसके लडकेबालो…”


पाप रहीत सीद्धता:

टि.पि.एम कि तरह शेकर्स को भी जय्जीवन कि और पापरहीत सिद्धता कि गहरी सच्चाइ प्रकट कि गइ थी। टि.पि.एम के सेवक प्रचार करते है, “कौन कहता है कि सीद्धता संभव नही।” शेकर्स भी इस तरह कि बातो को अपने उपदेश मे कहा करते थे। इधर आप इस पोइंट न. 1 मे उनके इस उपदेश को पढ सकते है।


“…. इस जीवन मे सिद्धता को प्राप्त करने कि बात करने कि तुलना मे और कोइ दुसरी बात नही जो इतने जल्दी विरोध और क्रोध को भडका दे…….”


इस लिंक पर पोइंट न 35 पढे. लीखा है कि  “वे लोग विश्वास नही कर पाते कि पापरहीत जीवन संभव है; क्योकि उन्होने ऐसा जेवन जीने कि सामर्थ को नही पाया…”

अदन वाटीका के दिनो कि सीद्धाता:

यह कोइ राज कि बात नही कि टि.पि.एम का पुर्व चीफ पास्टर अल्वीन अदन वाटीका कि सीद्धता का प्रचार किया करता था. अदन वाटीका कि सीद्धाता का उपदेश कहता है कि हमे आदम और हवा कि तरह मासुम बन जाना चाहीये. आदम और हवा निवस्त्र रहते थे और लज्जाते न थे। उस फल को खाने से पहले और अपनी गीरावट के पहले वे लोग मासुम थे. इसी तरह हमे उस खोइ हुइ दर्जे कि पवीत्रता कि सीद्धता को पाना है, कि हम निवस्त्र होने पर भी न लजाये. इसलीये टि.पि.एम के चीफ पास्टर अल्वीन सेवक ब्रदर और सीस्टर्स को फेथ होम मे निवस्त्र रहने को कहता था. इस तरह के गंदे कामो को फेथ होम मे होता देखकर पास्टर फ्रेडी ने अल्वीन को टि.पि.एम से बहार निकाल फेका. इस तरह का उपदेश शेकर्स के बीच भी पाया जाता था. वे लोग अपने कुछ सदस्यो के जंगल मे निवस्त्र घुमते पाये जाने के आरोप का अदन कि सीद्धता के उपदेश से बचाव करते थे.

  • अपनी पुस्तक “एन द वर्ड: द स्टोरी ओफ एन ली फीमेल मसीहा, मदर ओफ शेकर” मे लेखक रीचर्ड फ्रांसीस कहते है, “रेथबर्न अपने पोम्पलेट मे लीखते है कि उन शेकर्स लोगो के बीच से कुछ लोग, अपने आपको स्वर्गदुत समझकर जगंल मे निवस्त्र घुमते है….
  • “आइसेक बेकस ने इस आरोप को दो वर्ष बाद फिर उठाया और इस कृत्य के प्रती उनका विरोध होने पर भी यह कहा कि ये अदन कि निर्दोशता के लक्षय से किया गया. स्त्री और पुरुश पुरातन सीद्धता कि नकल मे नगन होकर नाचने लगे…..”
  • “शेकर्स कम्युनीटी शेकर्स लाइव” नामक दुसरी एक पुस्तक मे लेखीका प्रीस्कीला ब्रीवर कहती है, “मदर एन ने कहा कि आपको अपने शारीरीक ब्याह को त्यागना पडेंगा अन्यथा आप मेमने से ब्याह नही कर सकते. उनका दावा था कि सीद्ध बनने का एक्लौता मार्ग यह है कि आप शरीर के स्वभाव को छोडकर अदन वाटीका के सादगी मे लौट पडो. ब्रमहचारीता हमेशा के लीये इसे हमे मोक्ष देती है……”
  • आप इन शेकर्स विशय पुस्तको को पढकर इनके उपदेशो कि तुलना टि.पि.एम के पाप रहीत अदन वाटीका के उपदेश, और ब्रम्हचारीता के उपदेशो से करकर देखीये.

चार वर्गो मे विभाजीत स्वर्ग

टि.पि.एम का एक और उट्पटांग उपदेश यह है कि ब्रमहचारीता का पालन करनेवाले टि.पि.एम के सेवक स्वर्ग के सबसे तेजोमय और उचे स्थान अर्थात सिय्योन मे जानेवाले है. जो लोग ब्याह करते है ऐसे टि.पि.एम के विश्वासी नये यरुशलेम मे प्रवेश करेंगे. इसके अलवा पुराने नियम के सन जैसे अब्राहम, मुसा दाउद, दानीयेल नये आकश मे जायेंगे. अंत मे उद्धर पाये अन्य कलीसीया के लोग नयी पृथ्वी मे पाये जायेंगे.

ठिक इसी तरह के उपदेश शेकर्स को भी दिये गये थे. उनके संस्थापको को भी स्वर्ग के गहरे भेद बतलाये गये थे. उनके अनुसार भी स्वर्ग चार भागो मे विभाजीत किया गया है.

  1. सबसे उचा स्थान मदर एन ली और उनके संस्था के शेकर्स के लीये ठहराया गया है जो शादी नही करते.
  2. इससे निचे का स्वर्ग पौलुस और पहली सदी के मसीही लोगो के लीये रखा गया है.
  3. फिर इससे भी नीचले दर्जे का स्वर्ग पुराने नियम, के संतो के लीये अर्थात अब्रहाम, मुसा आदि के लीये रखा गया है.
  4. अंत मे सबसे निचले दर्जे का स्वर्ग नुह के बाढ के दिनो मे रहनेवाले लोगो के लीये है.

इनक इन उपदेशो को आप स्वय यहा पढे. उदाहरण के लीय Chapter X part II का पोइंट न. 2 कहता है,


“………. यहुदि जैसे अब्रहाम, दाउद, दानीयेल और अन्य दुसरे स्वर्ग मे गये जीसे सुख लोग कहा गया है.” पोइंट 13 मे लीख है  पौलुस तीसरे स्वर्ग मे उठा लीया गया…”  और फिर पोइंट 21 मे चौथे स्वर्ग के विशय लीखा गया. पोइंट 24 मे लीखा है कि चौथा स्वर्ग सबसे उचा स्वर्गीय स्थान है. इस स्थान मे कोइ और मनुष्य प्रवेश नही कर सका जब तक कि मदर कि आत्मा प्रकट नही हो जाती. इसके बाद ही आत्मीक बच्चे परमेश्वर कि सबसे उचतम दर्जे कि अत्याधिक आत्मीक बातो को जानना आरम्भ करते है. यह स्वर्गो को स्वर्ग है….”


शरीर और विचारो कि पवीत्रता

शेकर्स विचारो कि पवीत्रता और कुवारेपन कि शुद्धता को परमेश्वर तक पहुचने का मार्ग बतलाते थे –  धन्य है जो मन के शुद्ध है क्योकि है वे परमेश्वर को देखेंगे. उनके इस उपदेश को इस लिंक पर किल्क कर देखे.  हम यह नही कह रहे कि मन और शरीरे मे पवीत्रता के पालन करने कि शीक्षा देना गलत है! हम आपको यह बतला रहे कि पवीत्रता को दिखावा करके कैसे भीड को अपने झुंड मे शामील किया जाता है. इसलीये यदि कोइ पवीत्रता के उपदेश का दिखावा करे – फिर चाहे वो शेकर्स हो या टि.पि.एम तो इसका अर्थ यह नही होता कि वे परमेश्वर कि और से है. धर्म और पवीत्रता का पहीनावा पहीन कर लोगो को धोका देना शैतान को बखुबी आता है. यही तो धोके का अर्थ होता है – सच्चाइ मे थोडा स झुठ मिला दिया जाये – कि लोगो को सच्चाइ दिखाइ दे और झुठ सच्चाइ के आड मे छिप कर बैठा रह सके.

निचे इस टेबल को देखे जो टि.पि.एम के सेवको को दि गइ गहरी सच्चाइ और शैतानी शेकर्स को दि गहरी सच्चाइ कि तुलना करता है.

निष्कर्श

प्रिय पाठक, आपका क्या कहना है?

  • मदर एन ली के स्वन और दर्शन को स्तोत्र कौन होंगा जो उसे येशु मसीह का स्त्री रुप मे दुसरा आगमन होकर स्थापित करता था?
  • क्या इसमे कोइ दो राय है कि मदर एन ली ने इन उपदेशो को दुष्ट आत्माओ से प्राप्त किया था?

फिर यदि एन ली ने इन उपदेशो को दुष्ट आत्माओ से पाया तो टि.पि.एम के संस्थापको ने इन उपदेशो को कहा से पाया है? आप स्वय चुनाव कर ले. हमने अपना कर्तवय निभाया है. सच्चाइ आपकी आखो के सामने है. अब आपकि बारी है कि आप निर्णय करे कि टि.पि.एम के अनोखे उपदेश “सिय्योन और यरुशलेम से परमेश्वर का वचन है (मिका 4:2)” जैसा कि कपट का वस्त्र पहीननेवाले हमेशा गुंगुनाते रहते है? क्या आप टि.पि.एम कि दिवारो के भीतर वास करनेवाले सिय्योन के यात्री हो या फिर अल्वीन के उस भुलभुलइया मे फसे हुये हो जो नरक कि और ले जाता है?

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