कल्ट जांच सुची

नीचे दि गइ जांच सुची किसी संस्था को पहीचानने के लीये है कि वह कल्ट है कि नही। इसलीये यदि आप किसी संस्था को जांचना चाहते है कि वह कल्ट है कि नही तो आप इस कल्ट सुची मे दि गइ बातो से उस संस्था कि तुलना करके देखे।

  1. उनके अगुवा/अगुवे इस बात का दावा करते है कि उन्हे विशीष्ट सेवा करने के लीये चुना गया है, या उन्हे प्रकटीकरण या इश्वर के तरफ से कोइ पदवी या अधीकार दिया गया है।
  2. उनका मानना होता है कि केवल वे ही सत्य कलीसीया है। वे एक तरफ से अन्य कलीसीयाओ के आलोचक होते है तो दुसरी तरफ से खुद कि, और अपने झुंड कि प्रशंसा और गुणगाण करते है।
  3. सदस्यो को वफादारी को बनाये रखने के लीये वे धमकीयो का और मनोविज्ञानीक मापदंडो का प्रयोग करते है। धमकी कुछ इस तरह से हो सकता है कि यदि आप इस झुंड को छोड दोंगे तो परमेश्वर कि और से आपको भारी समस्या का सामना करना पडेंगा, या आपकि अकस्मात म्रुत्य होंगी । इनको छोडनेे सेे आपके परीवार वाले और मित्र आपको त्यागा देंगे। मानसीक नियंत्रण का यह एक मुख्य पहलु है।
  4. सदस्यो से उम्मीद कि जाती है कि वे अपनी कमाई का एक हिस्सा संस्था कि सहायता के लीये दिया करे। यह अनीवार्य दसवा अंश (जीस पर निगरानी कि जाती है) हो सकता है, या संस्था मे पदार्पण करने पर अपनी सारी सम्पत्ती को संस्था के नाम किया जाना हो सकता है। जो दान न दे उनका मन उन्हे दोष दे यह निश्चीत करने के लीये प्रभावशाली तरीको का इस्तेमाल किया जाता है; अपने संस्था के लीये लीये फुलो को या कोइ अन्य सामाग्री को या फिर मेगजीन को बेचना।
  5. झुंड के प्रती और उसकी शीक्षाओ के प्रती वफादारी पर विशेष जोर दिया जाता है। सदस्यो का जीवन झुंड मे होनेवाली गतीवीधीयो मे भाग लेने मे पुरी तरह से डुबा होता है। शारीरीक और भावनात्मक रुप से थक जाने के कारण इन्हे अपने विशय सोचने के लीये उनके थोडा या नही के बराबर समय होता है। यह भी मानसीक नियंत्रन का महत्वपुर्ण पहलु है।
  6. सदस्यो के नीजी जीवन के सभी पहलु को नियंत्रण मे रखा जाता है। इस तरह के नियंत्रण को उपयोग मे लाने के लीये सदस्यो को एकसाथ रखा जाता या बारबार इस तरह कि शीक्षा को दोहराया जाता “एक सच्चा मसीही कसे बने” या फिर “अगुवो कि आज्ञाकारीता मे रहे।” सदस्य अपने हर काम मे अपने अगुवो कि सलाह लेते है।
  7. झुंड कि शीक्षाओ पर प्रशन्न करने को रोका और दबाया जाता है। किसी भी तरह कि आलोचना को बलवा करना कहा जाता है। अधीकार, स्वाल के बीना आज्ञाकारीता का पालन और समर्पण पर जोर दिया जाता है। इसे बडी धुन के साथ पालन किया जाता है।
  8. सदस्यो से अपेक्षीत होता है कि वे झुंड के प्रती अपनी वफादारी को प्रमाण दे। यह आत्मीक उनत्ती के नाम मे किसी कि (परीवार के सदस्यो कि भी) चुगली करना हो सकता है।
  9. संस्था को छोडने या उसकी निंदा के तथ्यो को सामने लाने के प्रयास को धमकीयो का सामना करना पड सकता है। कुछ लोग वफादारी के लीये अपने प्राणो कि कसम लीये हो सकते है या फिर वाचा पर हस्ताक्षर किये हो सकते जीसके चलते उन्हे धमकाया जाता है।

उपर दि गइ सुची को ex-cult।org इस वेबसाइट से लीया गया है। यह एक सम्पुर्ण सुची तो नही किंतु इसमे कल्ट को पहीचानने के लीये प्रमुख बाते मौजुद है। मेरे अनुभव से TPM  इस सुची मे 100/100 अंक प्राप्त करता है। ये लोग सभी उपर दिये सभी तकनीक को कुछ न कुछ प्रतीशत मे उपयोग मे ले आते है इसलीये एक क्लट कहलाये जाने के लायक है। TPM संबधी अधीक जानकारी को here  इधर देखे।

TPM के उपदेशो से संबधी विडीयो को (video about TPM’s doctrinal issues) इस लींक पर देखे। क्षमा करे यह मलयालम मे है!